PM Modi ने G-7 समिट केदो सत्रों को संबोधित किया: मोदी की बातों को पढ़ें

नेशनल न्यूज़कॉज नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 13 जून, को जी-7 देशों के शिखर सम्मेलन के दो सत्रों को संबोधित किया. उन्होंने क्लाइमेट चेंज और ओपन सोसाइटीज़ सेशन को संबोधित किया .विदेश मंत्रालय नेएक बयान जारी कर कहा कि जी-7 के एक सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र, वैचारिक स्वतंत्रता और आजादी के लिए भारत की सभ्यतागत प्रतिबद्धता पर अपना और देश का पक्ष रखा.  
File Photo: Narendra Modi

 
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत अधिनायकवाद, आतंकवाद और हिंसक अतिवाद से उत्पन्न खतरों से साझा मूल्यों की रक्षा के लिए जी-7 का स्वाभाविक सहयोगी रहा है. सम्मेलन में मोदी ने खुले समाज में निहित कमजोरियों को रेखांकित किया, प्रौद्योगिकी कंपनियों से सुरक्षित साइबर क्षेत्र मुहैया कराने का आह्वान किया.

जी-7 शिखर सम्मेलन पर विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेताओं ने मुक्त, खुले और नियम आधारित हिंद-प्रशांत को लेकर प्रतिबद्धता जाहिर की और क्षेत्र में भागीदारों के साथ सहयोग करने का संकल्प लिया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारी भागीदारी जी-7 के भीतर समझ को दर्शाती है कि भारत की भूमिका के बिना सबसे बड़े वैश्विक संकट का समाधान संभव नहीं है.  

भारत स्वास्थ्य प्रशासन, टीकों तक पहुंच और जलवायु को लेकर कदम उठाने समेत प्रमुख मुद्दों पर जी-7, अतिथि भागीदारों के साथ गहराई से जुड़ा रहेगा.विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया कि कोविड टीकों पर पेटेंट छूट के लिए भारत, दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव पर समझौते के लिए जी-7 शिखर सम्मेलन के विचार-विमर्श में व्यापक समर्थन मिला है.
 
पीएम मोदी ने शनिवार को भी जी-7 देशों के इस शिखर सम्मेलन को संबोधित किया था. पीएम ने कल के संबोधन में जी-7 देशों को 'वन अर्थ वन हेल्थ' का मंत्र दिया. उनके इस संदेश का जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने समर्थन किया और मोदी की तारीफ की.

(सम्पादक)
आशुतोष पाण्डेय 

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