नई दिल्ली 24 अप्रैल, कोरोना संकट के बीच COVID-19 टेस्टिंग किट की गुणवत्ता को लेकर बवाल खड़ा हो गया है चीन से आई रैपिड टेस्टिंग किट के रिज़ल्ट सही नहीं आने के कारण कई राज्यों में किए जा थे टेस्ट रोक दिए गये हैं. इस बीच दिल्ली आईआईटी (DELHI IIT) ने कोरोना टेस्टिंग के लिए किट तैयार कर ली है. PCR आधारित इस टेस्टिंग किट क़ो ICMR ने भी मंज़ूरी दे दी है. अभी इस किट का उत्पादन कहाँ, कैसे और कब किया जाएगा इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. प्राप्त जानकारी के अनुसार आईआईटी दिल्ली के द्वारा विकसित ये कोरोना टेस्टिंग किट अभी बाज़ार में उपलब्ध किट से 25 प्रतिशत तक सस्ती हो सकती है. बताया जा रहा है कि इस किट से टेस्टिंग टाइम में भी बचत होगी, इसका मतलब टेस्टिंग की लागत और समय दोनों कम होने से ज़्यादा टेस्ट करना सम्भव होगा. इस किट को दिल्ली आईआईटी की कुसुमा स्कूल ऑफ़ बायलॉजिकल साइंसेज़ (KSBS) ने तैयार किया है.
टीम मेम्बर प्रो० विश्वजीत कुंदु और प्रो० विवेकानंद पेरूमल की टीम ने इस किट को बनाने को शोध का काम देश में पहला कोरोना संक्रमित केरला में मिलने के बाद ही शुरू कर दिया था. 22 मार्च से 9 अप्रैल लगभग 20 दिनों तो रोज़ 18 - 18 घण्टों काम कर इस किट को तैयार किया गया है. IIT दिल्ली के सूत्रों ने बताया कि किट को टेस्ट के लिए पुणे टेस्ट लैब में भेजने में लॉकडाउन के कारण काफ़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा. एक कूरियर कंपनीं ने काफ़ी रिक्वेस्ट के बाद इसे पुणे लैब तक पहुँचाया. इसके बाद ही इस टेस्टिंग किट प्रोटोकाल को मान्यता पाई है.
टीम मेम्बर प्रो० विश्वजीत कुंदु और प्रो० विवेकानंद पेरूमल की टीम ने इस किट को बनाने को शोध का काम देश में पहला कोरोना संक्रमित केरला में मिलने के बाद ही शुरू कर दिया था. 22 मार्च से 9 अप्रैल लगभग 20 दिनों तो रोज़ 18 - 18 घण्टों काम कर इस किट को तैयार किया गया है. IIT दिल्ली के सूत्रों ने बताया कि किट को टेस्ट के लिए पुणे टेस्ट लैब में भेजने में लॉकडाउन के कारण काफ़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा. एक कूरियर कंपनीं ने काफ़ी रिक्वेस्ट के बाद इसे पुणे लैब तक पहुँचाया. इसके बाद ही इस टेस्टिंग किट प्रोटोकाल को मान्यता पाई है.

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