Monday, 8 January 2018

कौन कहता है, ऑनलाइन पेमेंट सिक्योर है?

ऑनलाइन पेमेंट मतलब सिक्योर पेमेंट ऐसा कहा जाता है। लेकिन एटीएम पिन उड़ा कर या ओटीपी जानकर आपके खाते से पैसे उड़ाने की घटनाएं भी आम हैं। आये दिन ये खबरें आती हैं कि फलां आदमी ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुआ। यहीं नहीं ऑनलाइन वॉलेट भी सुरक्षित नहीं है, आपकी जरा सी लापरवाही आपकी मेहनत पर पानी फेर सकती है। अभी हाल ही में paytm वॉलेट से पैसे उड़ाए जाने की कुछ घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के नाम पर भी कई धोखाधड़ी की घटनाएं होती हैं, ऐसा तब होता है जब आप किसी एजेंट के माध्यम से किसी अन्य एकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। यहां एजेंट किसी और एकाउंट में पैसे ट्रांसफर करता है, बकायदा आपके मोबाइल पर इस बात का मैसेज भी आता है कि पैसे ट्रांसफर हो गया है लेकिन आप कभी ये नहीं देखते हैं कि किस एकाउंट में पैसा ट्रांसफर हुआ है। जब आपको इस ठगी का पता चलता है तो आप एजेंट के पास जाते हैं तो एजेंट का सीधा उत्तर होता है, आपने जो डिटेल दी उसके अनुसार ही उसने पैसे जमा किये हैं। ऐसे में आपके पास करने को कुछ खास नहीं बचता है। इसलिए जब भी आप किसी के एकाउंट में इन एजेंट्स के जरिये पैसे जमा करवाएं तो ध्यान दे एकाउंट होल्डर का नाम क्या डाला जा रहा है, बैंक का नाम और कोड पर भी ध्यान दें। साथ ही जो रकम ट्रांसफर करनी है उसका अमाउंट भी अवश्य देख लें। हो सके तो ट्रांसफर मेसेज आते ही जिसके एकाउंट में पैसा डाला है उससे मालूम कर लें कि सही राशि उसके एकाउंट में ट्रांसफर हुई है या नहीं, जो राशि जमा होगी उसका SMS अकॉउंट होल्डर को भी मिल जाएगा। बिना कंफेरमशन के एजेंट का काउंटर ना छोड़े।

Friday, 5 January 2018

डी एल एड किससे लें सही जानकारियां

प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले अप्रशिक्षित अध्यापकों के लिए 2 वर्षीय डी एल एड का कोर्स करना अनिवार्य हो गया है। जिसके चलते हजारों प्राइवेट स्कूल अध्यापकों ने इसके लिए NIOS नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के माध्यम से अप्लाई किया है। लेकिन अब आगे असाइनमेंट्स, स्टडी सेंटर को लेकर सही जानकारियाँ लोगों को नहीं मिल पा रही है। रोज नए अपडेट के आने के कारण रजिस्ट्रेशन करवाने वाले अध्यापक काफी असमंजस की स्थिति में हैं NIOS के द्वारा हर राज्य में क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना की है, हर केंद्र पर कोऑर्डिनेटर नियुक्त हैं लेकिन फिर भी सही जानकारी के अभाव में लोग परेशान हैं। ज्यादातर अध्यापकों को इसके बारे में जानकारियां भी नहीं कि उन्हें सही जानकारियां कहा से लेनी हैं। 
कई अध्यापक तो इसके रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद इसे कैंसिल भी करवा रहे हैं। सालों से स्कूलों में पढ़ा रहें अध्यापकों को अब किसी प्रशिक्षण की क्या आवश्यकता पड़ गयी है? किसी के पास इसका जवाब नहीं है। सारे देश की तरह उत्तराखण्ड में भी यही हालात है यहां क्षेत्रीय केंद्र देहरादून है। जिसकी वेबसाइट www.rcddn.nois.ac.in है इसके अतिरिक्त यहां स्टेट कॉर्डिनेटर सीमा जौनसारी का मोबाइल न. 7533830222 भी दे रहे हैं जहां से डी एल एड के बारे में पूरी जानकारी ली जा सकती है। इसके अतिरिक्त देहरादून केंद्र निदेशक श्री प्रदीप कुमार रावत से भी मोबाइल 9410373391 जानकारियां ली जा सकती हैं।

क्या 7 जनवरी को बंद हो जाएगा आपका सिम

आजकल कई मोबाइल पर एक मैसेज लगातार आ रहा है कि आपका वर्तमान न. 7 जनवरी से बन्द हो सकता है। इससे कई लोग परेशान हैं, मेसेज में कहा जा रहा है आप यूनिक आइडेंटिटी कोड जेनेरेट कर अपने मोबाइल सिम को दूसरे सर्विस प्रोवाइडर के पास पोर्ट करवा लें। इसमें किसी सर्विस प्रोवाइडर का नाम नहीं दिया गया है। तमाम मोबाइल यूजर को ऐसा मेसेज मिल रहा है। अब बात करते हैं इस मैसेज की सच्चाई कि, ये मेसेज सर्विस मेसेज की तरह आ रहा है, मतलब किसी न. से नहीं आ रहा है, इसलिए कुछ लोग इसे सही मान रहे हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर भी जोरदार चर्चा है।
कई यूजर्स ने ट्वीटर पर अपने सर्विस प्रोवाइडर को ट्वीट कर इसके बारे में पूछा है। सभी सर्विस प्रोवाइडर ने इसे झूठा मेसेज बताया है और कहा है कि ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें। बड़ी बात ये है कि इतनी बड़ी तादात में ये मेसेज लोगों के मोबाइल के सर्विस इनबॉक्स तक कैसे पहुंच रहा है। इसका जवाब किसी टेलीकॉम प्रोवाइडर के पास नहीं है ना ही इस मैसेज को फैलने से रोका जा रहा है।

Tuesday, 2 January 2018

अब आपके फोन में होगा पैनिक बटन, दबाओ पुलिस हाजिर

नए साल 2018 में मोबाइल फोन पर पैनिक बटन मिलेगा। इसे दबाते ही आपातकाल में सीधे पुलिस से संपर्क किया जा सकेगा। डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशन ने जनवरी 2017 से ही मोबाइल कंपनियों को फोन के साथ पैनिक बटन जोड़ने को कहा था लेकिन एक साल बाद तक भी इस पर कोई काम नहीं हो पाया। डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलिकम्युनिकेशन ने न्यूमेरिक की 5 या 9 को पैनिक की बनाने की बात कही थी। ये कदम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाया जाना था। कल केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मंत्री मेनका गांधी ने बताया कि एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत फोन पर पैनिक बटन की टेस्टिंग की जाएगी। इसे के चरणों में लागू किया जाएगा। टेस्टिंग के लिए इसे 26 जनवरी 2018 से उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा। अगर ये यहां सफल रहा तो चरणबद्ध तरीके से अन्य राज्यों में  भी लागू किया जाएगा। लेकिन यहां देखने वाली बात ये है कि क्या इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी। अभी देखा जाता है कि कई बार पुलिस सूचना मिलने के लंबे समय बाद घटना स्थल पर पहुंचती है। यहां ये पैनिक बटन भी पुलिस तक सूचना ही पहुंचाएगा, इसके पास एक्शन करने या करवाने का कोई तरीका नहीं होगा।