Tuesday, 22 May 2018

MobiiStar आज लांच करेगी अपने स्मार्टफोन लेकिन खरीदना मत बस कूड़ा है

मत खरीदना ये मोबाइल कूड़ा है।
स्मार्टफ़ोन हाथ में हो और सेल्फी ना हो ये संभव नहीं है. आज सेल्फी किसी भी मोबाइल का एक बड़ा फीचर बन गया है. एक वियतनामी कंपनी MobiiStar भी अपने सेल्फी सेंट्रिक स्मार्टफ़ोन MobiiStar XQ और CQ भारतीय बाजार में लेकर आ रही  है. जिसके कुछ लीक्स मिले हैं, उनके अनुसार स्मार्टफोन में स्नैपड्रैगन का प्रोसेसर होगा XQ SANPDRAGON 430 CQ 425 के साथ आ रहा है।
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जैसा कि कम्पनी का दावा है कि फ़ोन से शानदार सेल्फी मिलेगी तो लगता है कैमरा सेगमेंट में कुछ विशेष फीचर जरूर मिलेंगे. कम्पनी बजट रेंज में दमदार फोन लाने का दावा कर रही है, यहाँ इस समय बजट रेंज मोबाइल फोन की बड़ी रेंज मार्केट में उपलब्ध है, ऐसे मैं हर सेगमेंट में कुछ ख़ास फीचर लाकर ही इस कम्पटीशन में टिक पाना संभव होगा. वैसे जो जानकारियाँ मिल रही है Mobiistar 6,000 से 10,000 की कीमत में अपने फोन मार्केट में उतार सकती है.


कम्पनी 23 मई को दिल्ली में पहला स्मार्टफोन लौंच करेगी. फ़ोन की असेम्बली देश में ही कि जायेगी और ये फोन फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन उपलब्ध होगा जैसा कि फ्लिपकार्ट की साईट पर दिख रहा है. फ्लिपकार्ट पर जो इनफार्मेशन हैं उनमें ग्रेट सेल्फी कैमरा, फ़ास्ट स्नैपड्रैगन प्रोसेसर, लॉन्ग लास्टिंग बैटरी और आकर्षक मूल्य हैं. अब देखना ये है कि बजट और सेल्फी सेक्शन में कम्पनी क्या नया करती है.
आपका अगला ब्लॉग पोस्ट जिसमें फ़ोन से सम्बन्धित सभी जानकारियाँ होंगी आज शाम 9 बजे तक मिलेगा. MobiiStar पर एक डेडिकेटेड विडियो आपको हमारे YouTube चैनल पर भी मिलेगी.


Wednesday, 7 February 2018

प्लास्टिक या लैमिनेटेड आधार कार्ड से चोरी हो सकता है आपका डेटा



Picture: Google Search 
आधार को लेकर तमाम बातें कहीं जाती हैं, कई बार सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते रहें हैं अब खुद आधार अथॉरिटी ने कहा प्लास्टिक या पीवीसी पर प्रिंट कार्ड से आपकी आधार से जुडी जानकारियाँ चोरी की जा सकती हैं, इसके अलावा लेमिनेशन या पीवीसी प्रिंट होने पर कार्ड पर छपे QR कोड को रीड करना कठिन हो सकता है. इससे पहले भी आधार डाटा लीक होने या थर्ड पार्टी ट्रान्सफर होने की खबरें आती रही हैं. लेकिन सरकार इस प्रकार किसी संभावना से लगातर इनकार करती रही है.
लेकिन जिओ और एयरटेल जैसी कम्पनियों पर आधार दुरूपयोग के आरोप लगे हैं और एयरटेल ने तो सिम वेरिफिकेशन के नाम पर कई ग्राहकों के बैंक अकाउंट उनकी इजाजत बिना खोल दिए हैं, जिसके कारण आधार अथॉरिटी ने एयरटेल के आधार लिंक के अधिकार को कुछ समय तक के लिए सस्पेंड कर दिया था.
इसलिए अपने आधार कार्ड को ना ही लेमिनेट करवाएं और भूलकर भी उसे प्लास्टिक या पीवीसी पर प्रिंट ना करवाएं. 

Monday, 5 February 2018

आधार रखें अपडेट नहीं तो भविष्य में हो सकती है परेशानी

नई दिल्ली, आधार आज जिंदगी की संख्या बन चुका है, बैंक एकाउंट हो या फिर सिम कार्ड, पेंशन हो एक आकादमिक रिकार्ड्स सभी को आधार से जोड़ा जा रहा है। आधार एक यूनिक बायोमेट्रिक तकनीक है। जिसे हर व्यक्ति का व्यक्तिगत परिचय है। मात्र एक अंगूठे के वेरिफिकेशन से कई कार्य किये जा सकेंगे। 


लेकिन कई बार आधार की जानकारी अपडेट ना होना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। बिना आधार ना आप गैस की सब्सिडी ले सकते हैं, ना ही बैंक एकाउंट खुलवा सकते हैं। अब तो नर्सरी से लेकर कॉलेज तक बिना आधार के कुछ नहीं हो सकता है। 
अब भी तमाम लोगों के आधार में कई जानकारियाँ पूरी नहीं है कहीं नाम सही नहीं है, कई लोगों के आधार से फोन नंबर नहीं जुड़ा है ऐसी स्थिति में आप आधार डाउनलोड या उसमें कोई परिवर्तन बिना ओटीपी नहीं कर पाएंगे। अब आपको बताएं क्या आधार से लिंक नहीं होने पर आपको पेनाल्टी भी देनी पड़ सकती है? जी हाँ यदि आपने अपने आधार से पैन कार्ड नहीं जोड़ा है तो आपको हर वित्तीय वर्ष के अनुसार रूपया 10,000 पेनाल्टी देनी पड़ेगी।
इसके अलावा अलग अलग संस्थाएं आधार कार्ड से लिंक ना होने पर आपको बड़ी पेनाल्टी लगाई जा सकती है। अब नए पैन कार्ड के लिए अप्लाई करते समय आपको आधार संख्या को देना जरूरी कर दिया है। इनके अलावा म्यूच्यूअल फण्ड, बीमा, फिक्स डिपाजिट के साथ भी आधार देना पड़ेगा। कई एप जैसे digilocker जिसे आप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं को भी आधार से जोड़ना जरूरी है। इसके अलावा एक अन्य सरकारी एप्प जो प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते है वह है "उमंग" इस एप्प के जरिये आप आधार से लिंक हो कई सरकारी योजना से जुड़ सकते हैं, जैसे गैस बुकिंग, पेंशन योजनाएं आदि। एक ऐप के जरिये कई कामों को एक साथ करने का ये सबसे आसान तरीका है। आधार अंक से आप किसी भी UPI एप के जरिये फण्ड ट्रांसफर भी कर सकते हैं, ऐसा करने के लिए आपको बैंक से सम्बंधित कोई डिटेल्स नहीं देने होते हैं।
अब सवाल ये है कि आधार अपडेट कैसे करें? इसके दो तरीके हैं, एक तो आधार केंद्र जाइये या फिर ऑनलाइन लेकिन ऑनलाइन आप केवल पता और ईमेल एड्रेस ही अपडेट कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको एड्रेस प्रूफ के लिए निर्धारित दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आधार केंद्र से आप जन्मतिथि, नाम, पता या पिता का नाम भी संशोधित कर सकते हैं। इसके लिए आपके सभी बॉयोमेट्रिक पुनः लिए जाएंगे, आपकी फ़ोटो भी ली जाएगी। इस अपडेट के बाद आपको एक एनरोलमेंट आईडी दी जाएगी, जिसके बाद अपने नए अपडेट कार्ड को डाउनलोड कर सकते हैं।

Monday, 8 January 2018

कौन कहता है, ऑनलाइन पेमेंट सिक्योर है?

ऑनलाइन पेमेंट मतलब सिक्योर पेमेंट ऐसा कहा जाता है। लेकिन एटीएम पिन उड़ा कर या ओटीपी जानकर आपके खाते से पैसे उड़ाने की घटनाएं भी आम हैं। आये दिन ये खबरें आती हैं कि फलां आदमी ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुआ। यहीं नहीं ऑनलाइन वॉलेट भी सुरक्षित नहीं है, आपकी जरा सी लापरवाही आपकी मेहनत पर पानी फेर सकती है। अभी हाल ही में paytm वॉलेट से पैसे उड़ाए जाने की कुछ घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के नाम पर भी कई धोखाधड़ी की घटनाएं होती हैं, ऐसा तब होता है जब आप किसी एजेंट के माध्यम से किसी अन्य एकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। यहां एजेंट किसी और एकाउंट में पैसे ट्रांसफर करता है, बकायदा आपके मोबाइल पर इस बात का मैसेज भी आता है कि पैसे ट्रांसफर हो गया है लेकिन आप कभी ये नहीं देखते हैं कि किस एकाउंट में पैसा ट्रांसफर हुआ है। जब आपको इस ठगी का पता चलता है तो आप एजेंट के पास जाते हैं तो एजेंट का सीधा उत्तर होता है, आपने जो डिटेल दी उसके अनुसार ही उसने पैसे जमा किये हैं। ऐसे में आपके पास करने को कुछ खास नहीं बचता है। इसलिए जब भी आप किसी के एकाउंट में इन एजेंट्स के जरिये पैसे जमा करवाएं तो ध्यान दे एकाउंट होल्डर का नाम क्या डाला जा रहा है, बैंक का नाम और कोड पर भी ध्यान दें। साथ ही जो रकम ट्रांसफर करनी है उसका अमाउंट भी अवश्य देख लें। हो सके तो ट्रांसफर मेसेज आते ही जिसके एकाउंट में पैसा डाला है उससे मालूम कर लें कि सही राशि उसके एकाउंट में ट्रांसफर हुई है या नहीं, जो राशि जमा होगी उसका SMS अकॉउंट होल्डर को भी मिल जाएगा। बिना कंफेरमशन के एजेंट का काउंटर ना छोड़े।

Friday, 5 January 2018

डी एल एड किससे लें सही जानकारियां

प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले अप्रशिक्षित अध्यापकों के लिए 2 वर्षीय डी एल एड का कोर्स करना अनिवार्य हो गया है। जिसके चलते हजारों प्राइवेट स्कूल अध्यापकों ने इसके लिए NIOS नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के माध्यम से अप्लाई किया है। लेकिन अब आगे असाइनमेंट्स, स्टडी सेंटर को लेकर सही जानकारियाँ लोगों को नहीं मिल पा रही है। रोज नए अपडेट के आने के कारण रजिस्ट्रेशन करवाने वाले अध्यापक काफी असमंजस की स्थिति में हैं NIOS के द्वारा हर राज्य में क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना की है, हर केंद्र पर कोऑर्डिनेटर नियुक्त हैं लेकिन फिर भी सही जानकारी के अभाव में लोग परेशान हैं। ज्यादातर अध्यापकों को इसके बारे में जानकारियां भी नहीं कि उन्हें सही जानकारियां कहा से लेनी हैं। 
कई अध्यापक तो इसके रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद इसे कैंसिल भी करवा रहे हैं। सालों से स्कूलों में पढ़ा रहें अध्यापकों को अब किसी प्रशिक्षण की क्या आवश्यकता पड़ गयी है? किसी के पास इसका जवाब नहीं है। सारे देश की तरह उत्तराखण्ड में भी यही हालात है यहां क्षेत्रीय केंद्र देहरादून है। जिसकी वेबसाइट www.rcddn.nois.ac.in है इसके अतिरिक्त यहां स्टेट कॉर्डिनेटर सीमा जौनसारी का मोबाइल न. 7533830222 भी दे रहे हैं जहां से डी एल एड के बारे में पूरी जानकारी ली जा सकती है। इसके अतिरिक्त देहरादून केंद्र निदेशक श्री प्रदीप कुमार रावत से भी मोबाइल 9410373391 जानकारियां ली जा सकती हैं।

क्या 7 जनवरी को बंद हो जाएगा आपका सिम

आजकल कई मोबाइल पर एक मैसेज लगातार आ रहा है कि आपका वर्तमान न. 7 जनवरी से बन्द हो सकता है। इससे कई लोग परेशान हैं, मेसेज में कहा जा रहा है आप यूनिक आइडेंटिटी कोड जेनेरेट कर अपने मोबाइल सिम को दूसरे सर्विस प्रोवाइडर के पास पोर्ट करवा लें। इसमें किसी सर्विस प्रोवाइडर का नाम नहीं दिया गया है। तमाम मोबाइल यूजर को ऐसा मेसेज मिल रहा है। अब बात करते हैं इस मैसेज की सच्चाई कि, ये मेसेज सर्विस मेसेज की तरह आ रहा है, मतलब किसी न. से नहीं आ रहा है, इसलिए कुछ लोग इसे सही मान रहे हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर भी जोरदार चर्चा है।
कई यूजर्स ने ट्वीटर पर अपने सर्विस प्रोवाइडर को ट्वीट कर इसके बारे में पूछा है। सभी सर्विस प्रोवाइडर ने इसे झूठा मेसेज बताया है और कहा है कि ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें। बड़ी बात ये है कि इतनी बड़ी तादात में ये मेसेज लोगों के मोबाइल के सर्विस इनबॉक्स तक कैसे पहुंच रहा है। इसका जवाब किसी टेलीकॉम प्रोवाइडर के पास नहीं है ना ही इस मैसेज को फैलने से रोका जा रहा है।

Tuesday, 2 January 2018

अब आपके फोन में होगा पैनिक बटन, दबाओ पुलिस हाजिर

नए साल 2018 में मोबाइल फोन पर पैनिक बटन मिलेगा। इसे दबाते ही आपातकाल में सीधे पुलिस से संपर्क किया जा सकेगा। डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशन ने जनवरी 2017 से ही मोबाइल कंपनियों को फोन के साथ पैनिक बटन जोड़ने को कहा था लेकिन एक साल बाद तक भी इस पर कोई काम नहीं हो पाया। डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलिकम्युनिकेशन ने न्यूमेरिक की 5 या 9 को पैनिक की बनाने की बात कही थी। ये कदम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाया जाना था। कल केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मंत्री मेनका गांधी ने बताया कि एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत फोन पर पैनिक बटन की टेस्टिंग की जाएगी। इसे के चरणों में लागू किया जाएगा। टेस्टिंग के लिए इसे 26 जनवरी 2018 से उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा। अगर ये यहां सफल रहा तो चरणबद्ध तरीके से अन्य राज्यों में  भी लागू किया जाएगा। लेकिन यहां देखने वाली बात ये है कि क्या इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी। अभी देखा जाता है कि कई बार पुलिस सूचना मिलने के लंबे समय बाद घटना स्थल पर पहुंचती है। यहां ये पैनिक बटन भी पुलिस तक सूचना ही पहुंचाएगा, इसके पास एक्शन करने या करवाने का कोई तरीका नहीं होगा।