Friday, 8 December 2017

इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर की मनमानी : ZAPBYTES रोहिणी

इंटरनेट जिसके बिना आज दुनिया ठप्प दिखती है उसके नाम पर इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर चांदी काट रहें हैं, सबसे बड़ा मसला स्पीड को लेकर है, कनेक्शन देते वक्त तो ये प्रोवाइडर बड़े वादे करते हैं लेकिन उसके बाद अधिकाँश समय उपभोक्ता परेशान ही रहते हैं, सबसे ज्यादा परेशान लोकल प्रोवाइडर करते हैं जो एक लिमिटेड एरिया में कनेक्शन बाँट रहे होते हैं इनका ना ही कोई सपोर्ट सिस्टम होता है, ना ही कोई ऑफिस कालोनियों में पर्चे बांटकर ये ग्राहक फसातें हैं लेकिन जो एक बार फंस जाए उससे एक साथ तीन या छः महीने का पेमेंट लेकर ग्राहकों को परेशान छोड़ देते हैं, ऐसे ही एक इन्टरनेट प्रोवाइडर से न्यूज कॉज ने भी कनेक्शन लिया जिसमें 3 महीने का पेमेंट एडवांस लेने के बाद आये दिन कनेक्शन खराब रहने लगा, लगातर 10 मिनट तक स्टेबल कनेक्शन कभी नहीं मिला 70% समय में 25 एमबीपीएस की स्पीड के वादे के बाद अब .09 एमबीपीएस की स्पीड ही मिल रही है, ये कनेक्शन zapbytes के द्वारा दिया गया था लेकिन जब इसकी शिकायत की बारी आयी तो ये कस्टमर केयर का जो नम्बर वेबसाइट में दिया गया है 011667099000  पर फोन करने पर कहा गया उससे बात करें जिसने कनेक्शन दिया है, जब कनेक्शन के पैसे लेने वाले संजय 9999771763 से बात की तो उन्होंने आश्वासन दिया की आगे कोई परेशानी नहीं आएगी, लेकिन उसी दिन फिर से यही समस्या कई बार जिसे ठीक कर दिया गया.
इसके बाद 10 दिन के बाद फिर नेट बंद हो गया तो इस बार कस्टमर केयर ने किसी विनय का मोबाइल नंबर 9311164136 दिया, उन्होंने बताया कि ये प्रॉब्लम पीछे से जल्द ठीक हो जाएगी, लेकिन 24  घंटे बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो फिर उनको फोन किया गया और उनके द्वारा बार बार फोन काट दिया गया. इंटरनेट प्रोवाइडर कम्पनी को इस बाबत कई मेल भी भेजे गए लेकिन किसी के कान में जूं रेगी। एक बार कनेक्शन  दे दिया बन गया इनका काम, इतना ही नहीं जो बिल दिया जाता है उसकी स्लिप पर zapbytes का कहीं कोई नाम नहीं होता है, बिल पर पटेल नेटवर्क ला वॉटरमार्क दिख रहा है. GST का भी कोई उल्लेख इनके बिल पर नहीं मिलता है. जबकि कनेक्शन देते वक्त बताया गया था 620 रूपये प्रतिमाह के बिल में 500 रूपया  + 18 % GST शामिल है. लेकिन जब GST नंबर ही नहीं है तो GST वसूलने का अर्थ क्या है, रोहिणी से ही ये सर्विस प्रोवाइडर हजारों का चूना जहां सरकार को लगा रहा है वहीं ग्राहकों को भी बेवकूफ बना रहा है. इसके लिए न्यूज़ कॉज द्वारा प्राधिकरण से भी मेल के द्वारा सवाल पूछे गए हैं कि इंटरनेट स्पीड संबंधी क्या क़ानून हैं?

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