Sunday, 10 December 2017

ईवीएम और ब्लूटूथ का सच:- ब्लूटूथ स्कैन

ईवीएम और विवाद, हर चुनावों में ये सब शुरू हो ही जाता है, कभी ईवीएम ट्रैप, कभी हैक और अब ब्लूटूथ से जुड़े होने पर विवाद। गुजरात विधानसभा चुनावों में ईवीएम के ब्लूटूथ से जुड़े होने की शिकायत चुनाव आयोग के पास आई तो उन्होंने तुरंत जांच कर ली, लेकिन ऐसी किसी भी बात से आयोग ने इनकार किया तो सच क्या है? क्या था ये ईवीएम ब्लूटूथ विवाद, क्या बेवजह ये विवाद खड़ा किया गया था, तो इस विषय पर चर्चा से पहले ईवीएम की सिक्योरिटी को लेकर बात करना जरूरी हो जाता है। जहां तक बताया जाता है ईवीएम पूर्णतया टैम्पर प्रूफ है। लेकिन समय समय पर ये दावे किए जाते हैं कि ईवीएम को आसानी से टैम्पर किया जा सकता है लेकिन क्या ये भी सम्भव है कि इसे ब्लूटूथ से जोड़कर मनमाफिक वोटिंग की जा सकती है. हमने इस विषय पर कई विशेषज्ञों से बातचीत की तो पता चला कि ईवीएम को ब्लूटूथ से जोड़ना सम्भव नहीं है और जोड़ भी दिया जाय तो वोटिंग नहीं कि जा सकती है। हो सकता है ईवीएम के पास कोई जेनेरिक ब्लूटूथ डिवाइस ऑन हो जिसको अन्य ब्लूटूथ डिवाइस में देखा जा रहा हो क्योंकि आजकल तमाम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ब्लू टूथ के साथ आती हैं। जिसमें स्मार्ट टीवी से लेकर छोटे ब्लू टूथ स्पीकर तक शामिल हैं। लेकिन पोलिंग बूथ पर इस प्रकार की डिवाइस का भी क्या काम? जहाँ कोई मोबाइल तक ले जाकर नहीं जा सकता है वहां ये ब्लूटूथ डिवाइस कैसे पहुंची। कुछ छोटे स्पाई कैमरा भी इसी ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं ऐसे में ऐसे किसी डिवाइस के होने से मना नहीं किया जा सकता है। लेकिन अभी तक ये संभव नहीं दिखता है की ईवीएम के सर्किट में ब्लूटूथ की मदद से कुछ कारनामा किया जा सके।
(आशुतोष पाण्डेय)
संपादक 

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