Monday, 31 July 2017

जंक फूड: ये दिल है कि मानता नहीं

आज जंक फूड आम आदमी की लाइफस्टाइल में शामिल हो चुका है. एक समय में बड़े लोगों का शौक कहा जाने वाला जंक फूड आज हर घर में अपनी दस्तक दे रहा है. असल में जंक फूड क्या है? ज्यादातर प्रोसेस्ड रेडीमेड, रेडी टू इट या डिब्बा बंद फ़ूड जंक या फ़ास्ट फूड कहलाता है. सारी दुनिया में जंक फूड का एक बड़ा बाजार है जो लगातार बढ़ता जा रहा है. जहां जंक फूड को स्वास्थ्य के लिए घातक बताया जाता है वही इसके प्रयोगकर्त्ता भी बढ़ते जा रहें हैं. युवाओं और बच्चों का ही नहीं हर उम्र के स्त्री पुरुषों का भी ये फेवरेट फ़ूड है. 
जल्द तैयार होना, सब जगह आसानी से मिलना और अपने ख़ास स्वाद के कारण लोग इसके आदि होते जाते हैं. जंक फूड कई बीमारियों को जन्म देता है, जिसमें मोटापा, दिल की बीमारियाँ, रक्तचाप समस्या और पेट की बीमारियाँ मुख्य हैं. कई बड़ी फूड चेन पूरी दुनिया में इसी जंक फूड के कारण अरबों का कारोबार कर रही  हैं. मैक डोनाल्ड्स, के ऍफ़ सी, बर्गर किंग जैसी कई चेन दुनिया भर में अपना साम्राज्य स्थापित कर चुकी हैं. कई शोध तो यहाँ तक दावा करते हैं कि ज्यादा जंकफूड खाने से प्रजनन क्षमता परभी असर पड़ता है. कई घातक रसायनों का प्रयोग इनके संरक्षण के लिए किया जाता है. कई बार हमारे देश में भी ऐसी फास्टफूड उत्पादों पर रोक लगाई जा चुकी है, लेकिन ऐसी रोक लम्बे समय तक प्रभावी कभी नहीं रह पायी. कुछ समय पहले मैगी नूडल्स पर भी देश में बिक्री पर रोक लगाईं गयी थी. 
जंक फूड का मार्केट इतना बड़ा है कि स्वदेशी के नाम पर आयुर्वेदिक उत्पाद बेचने वाली रामदेव की कम्पनी पतंजलि भी नूडल्स बेच रही है. अब बात करते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की उनका मानना है कि यदि जंक फ़ूड कभी कभी खाया जाय तो कतई हानिकारक नहीं है, लेकिन लम्बे समय तक लगातार इसका प्रयोग कई बीमारियों को दावत दे सकता है. मीडिया के जरिये इस उत्पादों का खुले आम प्रचार किया जाता है. आज की लाइफ स्टाइल में लोगों के लिए हर चीज को प्राकृतिक रूप में लेना संभव नहीं है. सभी अनाज, फल या सब्जियां भी कई प्रकार के रसायनों और कीटनाशकों के प्रयोग से उगाये जाते हैं ऐसे में क्या खाना ठीक है क्या गलत कुछ कहने की स्थिति में कोई नहीं है. लेकिन खाने कि आदतों पर नियन्त्रण आवश्यक है. 

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