Sunday, 23 October 2016

क्या है फर्जी डिग्रियों का सच: खुलासा

आये दिन फर्जी डिग्री के कई मामले सामने आते हैं, कई दिग्गज राजनीतिज्ञों समेत कई बड़े अफसरशाहों पर फर्जी डिग्री लेने के आरोप समय-समय पर लगते रहें हैं. न्यूज काज ने पड़ताल कि क्या वास्तव में फर्जी डिग्रियां विश्वविद्यालयों द्वारा बांटी जाती हैं? खुद देश के प्रधानमंत्री की डिग्री को लेकर विवाद हो चुका है, इसके अतिरिक्त दिल्ली में आप के एक मंत्री पर भी फर्जी डिग्री के आरोप लगे हैं. हाल ही में 122 छात्रों को फर्जी डिग्री देने वाले एक गिरोह को जाम नगर पुलिस ने पकड़ा भी था. यहाँ सवाल ये हैं कि लोग फर्जी डिग्रियां क्यों लेते हैं, ज्यादातर नौकरी के लिए डिग्री चाहते हैं, कई अन्य कारणों जैसे शादी इत्यादि के लिए भी फर्जी डिग्री बनवाते हैं, कुछ डीम्ड यूनिवर्सिटीज द्वारा विगत वर्षों में थोक में ऐसी डिग्रियां बांटी गयी हैं बाकायदा छोटे शहरों से लेकर महानगरों में तक  इनके एजेंट घूमते मिल जाते थे. ग्रेजुएशन से लेकर प्रोफेशनल कोर्स तक की डिग्रियां घर बैठे उपलब्ध करवा देते थे. दिल्ली में ऐसे कई सेंटर खुलेआम आज भी चल रहें हैं, दिल्ली क्या देश के हर कोने में ऐसी संस्थाएं उपलब्ध हैं, समाचार पत्रों से लेकर इन्टरनेट पर ऐसे विज्ञापन खूब छपते हैं. M.B.B.S और अन्य मेडिकल डिग्रियां भी उपलब्ध करवाने का दावा धल्लड़े से किया जाता है. इसके अतिरिक्त विश्विद्यालय जिसमें कई नामी विश्विद्यालय भी शामिल हैं पर फर्जी डिग्रियां देने का आरोप कई बार लग चुका है. जहां कई बार पूर्ण अवैध तरीके से डिग्रियां तैयार कि जाती हैं वहीं दूसरी ओर विश्विद्यालय के कर्मचारियों के साथ मिलकर पूरे साक्ष्यों के साथ डिग्री उपलब्ध करवाने के तमाम मामले इस पड़ताल में सामने आयें हैं.
फर्जी डिग्री ही नहीं 10 वीं और  12 वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट भी खुलेआम बेचे जाते हैं, एजेंट्स 100 प्रतिशत गारंटी देते हैं और बड़ी आसानी से सब उपलब्ध करवाने का दावा करते हैं. NIOS के जरिये इन मार्कसीटों को आसानी से उपलब्ध करवाया जाता है, बकायदा पेपर लिखवाने जैसी सुविधा भी देने की बात कही जाती है. अगर ये सब अवैध है तो रोका क्यों नहीं जाता है, कई लोग इस तरीके से करोड़ों कमा चुके हैं, कई संगठित गिरोह भी काम कर रहें हैं. कुछ एक मामलों में कार्रवाई होती भी है तो क़ानून की कमियों की वजह से अपराधी बच निकलते हैं, असल में जितना बड़ा गिरोह इस काम को अंजाम देने वाला है, उतना ही बड़ा गिरोह इसकी मांग करने वालों का भी है. अभी बिहार में टॉपर स्कैम का खुलासा हुआ था, कई टापर्स के परीक्षा परिणाम निरस्त भी किये गये, ये सब काफी संगठित तरीके से किया जाता है, इसमें बोर्ड के साथ विश्वविद्यालय के अधिकारी तक शामिल हैं.

(न्यूज़ कॉज टीम) 

Saturday, 24 September 2016

अब यू ट्यूब से कमायें: जाने कैसे



आज जब दुनिया में पैसा सबसे बड़ी चीज है, इसे कमाने के लिए हम कितनी मेहनत करते हैं. रूपए-पैसे की जरुरत किसे नहीं होती. आज लोगों की भागदौड़, मारामारी सिर्फ पैसों के लिए ही तो होती है. पैसे कमाने का हजारों तरीके होते हैं. सभी लोगों की जरुरतें अलग होती है, तो उनके कमाई का जरिया भी अलग होता है. इन्टरनेट पर भी कमाई के कई तरीके होते हैं. लेकिन हम में से कई को यह पता नहीं होता है. हमलोग आज रोज ईमेल, फेसबुक, ट्विटर और यू ट्यूब  पर कई घंटे बिता देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं, कि यू ट्यूब से पैसे भी कमाए जा सकते हैं. अब आप पूछेंगे कैसे? इसका तरीका हम बता रहें हैं.
सबसे पहले अपना यूट्यूब चैनल बनाएं-आपका यूट्यूब चैनल वेबसाइट पर आपकी पहचान होगा. हर यूट्यूब अकाउंट एक चैनल से अटैच होता है. यूट्यूब अकाउंट आपका जीमेल अकाउंट भी बन सकता है. यूट्यूब पर अपना अकाउंट बनाने से आप गूगल ड्राइव जैसी सर्विसेज भी एक्सेस कर सकते हैं.
की-वर्ड जोड़ना अपना चैनल बनाने के बाद आपको की-वर्ड्स डालने होते हैं। ये यूट्यूब पर आपके चैनल को सर्च करने के काम आएंगे। की-वर्ड जोड़ने के लिए- Channel Settings-> Advanced section पर जाना होगा। की-वर्ड्स आपके वीडियो कंटेंट के हिसाब से होने चाहिए और ऐसे होने चाहिए जिन्हें लोग ज्यादा सर्च करते हैं, इन्हें आप अन्य ज्यादा देखे जाने वाले वीडियो के हिसाब से सेट कर सकते हैं. 
वीडियो चैनल पर कंटेंट डालिएयूट्यूब पर चैनल बनाने के बाद सबसे पहला काम उस चैनल पर कंटेंट ऐड करना होगा. यूट्यूब पर हाई-क्वालिटी कंटेंट और लो क्वालिटी कंटेंट ऐड करने की सुविधा है.ये आपके कंटेंट टाइप पर निर्भर करेगा. कंटेंट प्रासंगिक और हाई डिमांडिंग होना चाहिए. आप देख सकते हैं कई वीडियोज काफी बार देखे जाते हैं.
कंटेंट ओरिजनल होना चाहिएविडिओ कंटेंट ओरिजिनल होना चाहिए, किसी भी प्रकार से किसी कापीराईट का उल्लंघन नहीं होना चाहिए. उसकी क्वालिटी अच्छी हो तो व्यूज ज्यादा मिलेंगे. प्रोडक्शन हाउस के नाम से दिखने वाले वीडियोज ज्यादा प्रमाणित होते हैं. आपको अपना चैनल लगातार अपडेट करना चाहिए, कंटेंट की क्वालिटी और ऑडियंस की डिमांड को सदा ध्यान रखना चाहिए. छोटे और प्रभावी विडिओ ज्यादा देखे जाते हैं. वैसे तो आप स्मार्टफोन का प्रयोग कर विडियो बना सकते हैं. आप यू ट्यूब पर ही विडियो एडिट भी कर सकते हैं इसके साथ साउंड ट्रैक और कैप्शन भी जोड़ सकते हैं. वीडियो अपलोड करते समय की-वर्ड्स का ध्यान रखना जरूरी है,अगर की-वर्ड्स गलत होंगे तो वीडियो सर्च नहीं होगा.
यूट्यूब से मेलअगर आपके चैनल के किसी वीडियो को बहुत ज्यादा व्यूज मिले हैं तो यूट्यूब की तरफ से एक मेल आएगा- "Apply for revenue sharing for your video (Video Title)."
इस सब्जेक्ट के साथ अगर मेल आता है तो यकीनन आपके लिए खुशी की बात है. समझ लीजिये आपने एक बड़ी कमाई की ओर कदम बढ़ाया है. यूट्यूब द्वारा भेजे गए मेल में जिस वीडियो का नाम होगा उस वीडियो को अपलोड करने के लिए कंपनी आपको पैसे देगा, लेकिन ये एक समय में सिर्फ एक वीडियो के लिए ही होगा.
वीडियो से पैसे कमाना ज्यादा से ज्यादा वीडियो अपलोड करने और व्यूज मिलने के बाद बारी आएगी वीडियोज को मॉनिटाइज करने (पैसा कमाने) की. पैसा कमाने के लिए वीडियोज को मॉनिटाइज करना जरूरी है. इसका अर्थ अपने वीडियोज के बीच में ऐड्स की परमीशन देना है. अपलोड करने से पहले वीडियोज को मॉनिटाइज करने के लिए-
अपने यूट्यूब चैनल के डैशबोर्ट (Dashboard) पर जाइये यहां से Monetization tab->“Monetize with Ads” बॉक्स पर क्लिक करना होगा.
वीडियो अपलोड करने के बाद मॉनिटाइज करने के लिए
वीडियो मैनेजर पर जाकर “$” के निशान पर क्लिक करना होगा. इसके बाद “Monetize with Ads” बॉक्स पर क्लिक करना होगा.
यूट्यूब पर्टनर प्रोग्राम पेज-अगर आपको लगता है कि आपने काफी वीडियोज अपलोड कर लिए हैं और अब आप अगले लेवल पर जाने के लिए तैयार हैं तो आप यूट्यूब के पार्टनर प्रोग्राम पेज  http://www.youtube.com/yt/creators/creator-benefits.html
पर जाकर सीधे कंपनी से पार्टनरशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं. एक बार कंपनी से अप्रूवल मिलने के बाद आपके यूट्यूब चैनल पर मौजूद सभी वीडियोज के लिए कंपनी पैसे चुकाएगी। (इसके लिए यह जरूरी है कि यूट्यूब पर मौजूद सभी वीडियोज कंपनी की टर्म्स और कंडीशन के अनुसार हों।)
एडसेन्स अकाउंट 
एक बार पार्टनरशिप प्रोसेसर पूरा हो जाए इसके बाद यूजर्स को यूट्यूब पर एडसेंस अकाउंट बनाना होगा। इसके लिए यूजर्स का 18 साल से ऊपर का होना जरूरी है. एडसेंस अकाउंट में आपको अपना PayPal या बैंक अकाउंट डालना होगा. इसी के साथ, एक ई-मेल आईडी भी एडसेंस को देनी होगी. इस जानकारी की मदद से एडसेंस आपको वीडियोज द्वारा कमाया हुआ पैसा भेजेगी. यूट्यूब आपको सिर्फ तब पैसे देना शुरू करेगा जब वीडियो में 100 डॉलर से अधिक की कमाई हो गई हो. आपके वीडियो में कितने व्यूज आए, कितने पैसे हैं और इससे जु़ड़ी सारी जानकारी यूट्यूब एनालिटिक्स की मदद से मिलेगी. इसके लिए यूट्यूब चैनल के डैशबोर्ड पर एनालिटिक्स टैब पर क्लिक करना होगा. सारी प्रोसेसर पूरी करने के बाद यूट्यूब करीब 2 हफ्ते का समय यूजर की कमाई का रिव्यू करने में लगाएगा.अगर यूट्यूब आपकी एप्लिकेशन को रिजेक्ट कर देता है तो दो महीने बाद दोबारा आप उसपर काम कर सकते हैं.

Thursday, 8 September 2016

अन्ना का चीरहरण करने वाले आप के महारथी

लंबे समय के बाद अन्ना हजारे की टीम केजरीवाल पर टिप्पणी दिखी, उन्होंने कहा मैंने अरविन्द से कहा था अच्छे चरित्रवान लोगों का चयन करना, लेकिन देखा जाय तो केजरीवाल की टीम का बड़ा हिस्सा अन्ना आन्दोलन में शामिल था. क्या अन्ना ने खुद कुछ खुदगर्ज चेहरों का चयन किया था? जिन्होंने अन्ना आन्दोलन को सत्ता प्राप्ति के लिए भुनाया है. आज जिस समय अन्ना केजरीवाल की नीयत पर सवाल उठा रहें हैं, वह समय केजरीवाल के लिए काफी कठिन है. पंजाब में चुनाव से ठीक पहले संदीप कुमार प्रकरण सामने आने से विपक्षियों को एक बड़ा विषय मिल गया है. केजरीवाल ही नहीं किरण बेदी भी अन्ना आन्दोलन का हिस्सा थी लेकिन वे भी भाजपा की गोद में जा बैठी. ये निश्चित है कि टीम अन्ना में ही चरित्रवानों की कमी रही होगी, तो अब जब सत्ता मिल गयी है, तो सत्ता का मजा और मद चरित्र को कहाँ टिकने देगा. असल में खुद अन्ना एक बड़ी कूटनीति के तहत तत्कालीन सरकार के खिलाफ एक औजार के रूप में प्रयोग किये गये, ये बात इतर है कि उन्हें इसका आभास रहा या नहीं? लेकिन इस्तेमाल करने वालों को ये पता नहीं था कि एक केजरीवाल वहां पैदा हो रहा है, जो आने वाले समय में उनके गले कि हड्डी बन सकता है. चूंकि केजरीवाल एक आन्दोलन और आभासी असंतोष की परिणिति थे, इसलिए एक बार सत्ता आसानी से प्राप्त कर गये. अन्ना के आन्दोलन ने मनमोहन सिंह सरकार के खिलाफ जो माहौल तैयार किया उसे मोदी ने खूब भुनाया और पहली बार सांसद बन प्रधानमंत्री बन बैठे. अन्ना का आन्दोलन आजाद भारत में जेपी आन्दोलन के बाद शायद उससे भी बड़ा आन्दोलन था, लेकिन आन्दोलन की कमान धीरे-धीरे मौक़ा परस्तों के हाथ में चली गयी. आज समय यह है कि अन्ना को कोई सुनने को तैयार नहीं है. दिल्ली और दिल्ली की सत्ता में चीर हरण सिर्फ अन्ना का हुआ.